MP Shikshak Recruitment Controversy; Woman Protest At bungalow Of Minister of School Education | स्कूल शिक्षा मंत्री परमार के बंगले पर पहुंची महिला उम्मीदवार; प्रक्रिया होने के बाद कह रहे- अंग्रेजी लिटरेचर सब्जेक्ट नहीं होने से किया रिजेक्ट

MP Shikshak Recruitment Controversy; Woman Protest At Bungalow Of Minister Of School Education

अपात्र हुई महिला उम्मीदवार अपनी शिकायत लेकर मंत्री परमार के बंगले पर पहुंची।

मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। क्वालीफाइ कर चुकी महिला उम्मीदवारों ने अब मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है, प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उन्हें यह कहते हुए अपात्र कर दिया गया है कि आपके बीए और इंग्लिश लिटरेचर नहीं है। सोमवार को स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले पर पहुंचीं महिला उम्मीदवार धरने पर बैठे गईं।

काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी मायूसी हाथ लगी। महिला उम्मीदवारों का आरोप है कि माध्यमिक शिक्षक की सीधी भर्ती में अंग्रेजी विषय के करीब साढ़े 4 हजार पद हैं। परीक्षा के बाद क्वालीफाई हो गए। आज जब सत्यापन के लिए पहुंचे, तो बताया गया कि आप इस पद के लिए पात्र नहीं हैं।

बताया गया, बीए इंग्लिश लिटरेचर से होना जरूरी है। इसके अलावा किसी को भी नहीं लिया जाएगा। महिलाओं ने बताया कि फीस भरने से लेकर आवेदन तक सभी प्रक्रिया करवाई। पैसे भी जमा करवाए, लेकिन उस दौरान कोई नियम नहीं था। हम क्वालीफाई तक हो गए। अब विभाग नया नियम बताकर हमें अपात्र कह रहा है।

अब तक यह हुआ

सितंबर 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों में 30,594 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया। पीईबी ने फरवरी 2019 में उच्च माध्यमिक शिक्षक पदों के लिए पात्रता परीक्षा ली। अगस्त में रिजल्ट आया। मार्च में माध्यमिक शिक्षक पदों के लिए परीक्षा ली गई। अक्टूबर 2019 में रिजल्ट आया। पहले लोकसभा चुनाव, फिर विधानसभा चुनाव के कारण रिजल्ट अटके रहे। रिजल्ट आने के बाद कोरोना के कारण भर्ती प्रक्रिया रुक-रुककर चली।

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