NEP 2020| What is Academic Bank of Credit (ABC); Functions of ABC and its benefits| One Year of New Education Policy | पढ़ाई बीच में छोड़ने पर बर्बाद नहीं होगा साल, एकेडमिक बैंक के जरिए सुरक्षित रखें जाएंगे स्टूडेंट्स के रिकॉर्ड्स; जानें क्या है ABC # इसके फायदें

0

[ad_1]

  • #
  • Career
  • NEP 2020| What Is Academic Bank Of Credit (ABC); Functions Of ABC And Its Benefits| One Year Of New Education Policy

3 मिनट पहले

  • #

केंद्रीय कैबिनेट ने आज से एक साल पहले देश की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी। 1986 के बाद पहली बार यानी 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति बदल रही है। इसमें बच्चे के प्राइमरी स्कूल में एडमिशन से लेकर हायर एजुकेशन कर जॉब फोर्स से जुड़ने तक काफी बदलाव किए गए #।

नई शिक्षा नीति के तहत हुए बदलाव की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी आज एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की शुरूआत करेंगे। आइए जानते # यह बैंक स्टूडेंट्स # इंस्टीट्यूट्स के लिए कैसे काम करेगा।

एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट क्या है ?

एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट एक वर्चुअल स्टोर-हाउस है, जो एक स्टूडेंट के सुरक्षित एकेडमिक क्रेडिट का रिकॉर्ड रखेगा। इन्हीं नंबरों के आधार पर विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट हासिल होगा। इसे नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी की तर्ज पर तैयार किया गया है। यह एक कमर्शियल बैंक के रूप में काम करेगा, जहां स्टूडेंट कस्टमर होंगे # ABC इन स्टूडेंट्स को कई सेवाएं प्रदान करेगा।

कैसे काम करेगा एकेडमिक बैंक?

स्टूडेंट्स को एकेडमिक बैंक में अकाउंट खोलना होगा # खाता खोलने वाले हर स्टूडेंट को एक विशिष्ट आईडी # मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) दी जाएगी। स्टूडेंट्स के एकेडमिक अकाउंट में उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा स्टूडेंट्स को उनके किए जा रहे पाठ्यक्रमों के लिए क्रेडिट दिया जाएगा।

इस योजना के लागू होने के बाद अगर स्टूडेंट कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ देता है तो उनकी पढ़ाई बेकार नहीं जाएगी। फर्स्ट ईयर पास करने के बाद सर्टिफिकेट, दो साल के बाद डिप्लोमा # तीन साल बाद डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा अगर स्टूडेंट दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहता है तो उसकी # व्यवस्था होगी।

क्या स# क्रेडिट एक ही संस्थान से हासिल करने होंगे?

इस पहल के तहत स्टूडेंट्स अलग-अलग इंस्टीट्यूट्स में ऑफर किए जा रहे कोर्सेस में चुन सकेंगे। दरअसल, हर संस्थान में वह सारे कोर्स नहीं होते, जिसमें स्टूडेंट की रुचि हो। ऐसे में यह योजना स्टूडेंट्स को अपनी पसंद के मुताबिक विभिन्न इंस्टीट्यूट्स से कोर्स करने की आजादी देगा। इस दौरान बैंक में जमा हो रहे “क्रेडिट” के आधार पर स्टूडेंट्स को डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

ग्रेजुएशन डिग्री की अवधि तीन से पांच साल हो सकती है। क्या इस दौरान ही स# क्रेडिट जमा करने होंगे?

पुरानी शिक्षा नीति के सालों # संस्थानों के कठोर ढांचे को पहले ज्यादा लचीला बनाने के लिए इस बैंक की स्थापना की जा रही है। क्रेडिट स्टोरेज सिस्टम एक स्टूडेंट को अपनी गति से पढ़ाई करने की अनुमति देगा। कोई स्टूडेंट कोर्स बीच में ही छोड़ देता है # उनके पास ABC में स# पाठ्यक्रमों के रिकॉर्ड जमा है। ऐसे स्टूडेंट्स बाद में जब चाहे वहीं से पढ़ाई जारी रख पाएंगे।

यानी कि इस योजना के बाद स्टूडेंट्स के पास कॉलेज में मल्टीपल एंट्री # एक्जिट के विकल्प होंगे। अंडर-ग्रेजुएट शिक्षा 3-4 साल की होगी। एक साल पर सर्टिफिकेट, 2 वर्षों पर एडवांस डिप्लोमा, 3 वर्षों पर ग्रेजुएट डिग्री तथा 4 वर्षों के बाद शोध के साथ ग्रेजुएट होंगे।

स्टोर क्रेडिट करने की अवधि क्या होगी?

ABC में संग्रहीत क्रेडिट अधिकतम सात साल तक वैलिड रहेंगे। “एकेडमिक अकाउंट” में जमा किए गए स# क्रेडिट की शेल्फ लाइफ अधिकतम 5 साल या संस्थान द्वारा तय की गई समय सीमा तक मान्य होगी।

ABC के कार्य क्या होंगे?

ABC रजिस्टर्ड इंस्टीट्यूट द्वारा दिए गए क्रेडिट को स्टूडेंट्स के अकाउंट्स में जमा करेगा। यह यूजीसी के दिशानिर्देशों # मानदंडों के अनुसार क्रेडिट को # मान्य करेगा। बैंक सिर्फ इंस्टीट्यूट्स के दिए गए क्रेडिट स्वीकार करेगा ना कि स्टूडेंट्स से।

योजना के तहत कौन से कोर्सेस होंगे शामिल?

यह बैंक यूजीसी से मान्य स# हायर इंस्टीट्यूट के कोर्सेस के साथ-साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल, लॉ # अन्य प्रोफेशनल कोर्सेस को # कवर करेगा। हालांकि, इनमें से कई कोर्सेस अलग-अलग प्रोफेशनल बॉडीस द्वारा रेगुलेट किया जाएगा। क्रेडिट बैंक योजना के लिए उनकी मंजूरी मांगी जाएगी।

इसके अलावा सरकारी ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म जैसे SWAYAM, NPTEL, V-Lab या किसी यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रमों पर # क्रेडिट ट्रांसफर # संचय के लिए विचार किया जाएगा।

# # # ##

[ad_2]

Source link